भरत चरित्र प्रसंग सुन श्रोता हुए भाव विभोर
जौनपुर, मार्च 27 -- खेतासराय (जौनपुर), हिन्दुस्तान संवाद। रामलीला मैदान गोलाबाजार में चल रहे श्रीराम कथा के आठवें दिन गुरुवार की रात भरत चरित्र का प्रसंग सुनकर श्रोतागण भाव विभोर हो गए। कथा वाचक स्वामी सुधीरानंद महराज ने कहा कि भाई से भाई की संपत्ति का बंटवारा नहीं करना चाहिए। अपितु विपत्ति का बंटवारा करना चाहिए।महराज जी ने बताया की भगवान अपने ऊपर आये दुख को सहन कर लेते हैं। परन्तु भक्त के दुःख को नहीं सह पाते। भरत के समान संसार मे कोइ भाई नहीं हुआ। उन्होंने अयोध्या वैभव को राज्य के सुख त्याग कर मर्यादा की रक्षा की। भगवान श्रीराम के प्रति भरत का अटूट प्रेम भ्रातृत्व प्रेम की अनुठी मिसाल देता है। भरत जी का निस्वार्थ प्रेम, त्याग और राम के प्रति अटूट समर्पण का वर्णन सुनकर श्रोताओं की आंखें नम हो गई। कथा के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत प्रजाप...
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