शाहजहांपुर, नवम्बर 16 -- फोटो 19:: कैंट स्थित रामलीला मैदान में कथा के दौरान आरती में शामिल भक्त। शाहजहांपुर, संवाददाता। कैंट स्थित रामलीला मैदान में मंगलमय परिवार द्वारा आयोजित कथा का आज का विराम दिवस उस क्षण का साक्षी बना, जब विजय कौशल महाराज की वाणी में भरत-राम मिलन का अद्भुत प्रसंग जीवंत हो उठा। कथा पंडाल में बैठे लोग मानो स्वयं चित्रकूट के उस तपोवन में पहुंच गए हों, जहाँ वर्षों से बिछड़े दो भाइयों का मिलन हुआ था। मंच पर कथा व्यास जैसे ही भरत के वनगमन का प्रसंग सुनाने लगे, पंडाल में बैठे हजारों श्रद्धालु स्तब्ध हो गए। उन्होंने कहा कि भरत का प्रेम किसी साधारण भाई का प्रेम नहीं था। वह भक्ति, समर्पण और निष्काम भाव का सर्वोच्च रूप था। भरत के मन में केवल एक ही संकल्प था। राम को अयोध्या वापस ले जाना। उनकी यह तड़प कथा व्यास के शब्दों में इतन...