प्रयागराज, मई 15 -- प्रयागराज, संवाददाता। ज्येष्ठ मास के कृष्णपक्ष की अमावस्या पर शनिवार को दो पर्व एक साथ मनाया जाएगा। जहां पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य व सुखद वैवाहिक जीवन के लिए महिलाएं वट सावित्री व्रत रखेंगी, वहीं शनिदेव की कृपा व शनि दोष से मुक्ति के लिए शनि जयंती का पर्व भी मनाया जाएगा। श्री स्वामी नरोत्तमानंद गिरि वेद विद्यालय के प्राचार्य ब्रजमोहन पांडेय ने बताया कि आज अमावस्या का मान सुबह 5.11 बजे से शुरू होकर रात 1.30 बजे तक व्याप्त रहेगा। वट सावित्री व्रत भरणी नक्षत्र, सौभाग्य व शोभन योग के संयोग में पर्व को अधिक शुभता प्रदान करेगी।वहीं व्रत के साथ ही शनि जयंती पर कई दुर्लभ संयोगों का महायोग बन रहा है। यह भी पढ़ें- Vat Savitri Vrat 2026: कल रखा जाएगा वट सावित्री व्रत, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत पारण समय उत्थान ज्...