नई दिल्ली, मई 2 -- सुप्रीम कोर्ट ने साल 2020 में दिल्ली में हुए नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) विरोधी प्रदर्शनों के दौरान कथित तौर पर नफरत भरे भड़काऊ भाषण (Hate Speech) देने के मामले में भाजपा नेताओं अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा को बड़ी राहत दी है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि इन नेताओं के खिलाफ कोई भी संज्ञेय अपराध नहीं बनता। सांसद अनुराग ठाकुर पूर्व केंद्रीय मंत्री हैं तथा प्रवेश वर्मा दिल्ली सरकार में मंत्री हैं।क्या था मामला? यह मामला शाहीन बाग विरोध प्रदर्शन के समय का है। माकपा (CPI-M) नेता वृंदा करात और के. एम. तिवारी ने आरोप लगाया था कि जनवरी 2020 में अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा ने रैलियों के दौरान भड़काऊ भाषण दिए थे। याचिकाकर्ताओं ने मांग की थी कि पुलिस को इन नेताओं के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने का आदेश दिया जाए। यह भी पढ़ें- '...