भजन के बिना भगवान नहीं मिल सकते : गृषा
धनबाद, जून 16 -- चिटाही धाम स्थित श्री रामराज मंदिर परिसर में आयोजित भव्य श्रीराम कथा के सातवें दिन सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा में वनवास काल के दौरान भगवान श्रीराम के चित्रकूट से पंचवटी प्रस्थान, लक्ष्मण द्वारा शूर्पणखा की नाक काटना, खर-दूषण वध तथा माता सीता हरण, रावण के हाथों जटायु का वध की मार्मिक कथा का वर्णन किया गया। कथावाचिका गृषा शुक्ला ने अपने प्रवचन में कहा कि जीवन में भगवान को प्राप्त करना है, तो भजन पर ध्यान दें। बिना भजन के भगवान नहीं मिल सकते। उन्होंने कहा कि धैर्य, धर्म, मित्र और पत्नी की वास्तविक परीक्षा विपत्ति के समय ही होती है। यह भी पढ़ें- जोशीखोला की रामलीला में वनवास प्रसंग ने दर्शकों को किया भावुक यदि कठिन समय में धैर्य और धर्म साथ हों तो कोई भी व्यक्ति आपका अहित नहीं कर सकता। कार्यक्रम के दौरान आय...
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