नई दिल्ली, नवम्बर 11 -- एक सनातनी पूजा-पाठ करने को अपना धर्म मानता है। वहीं इस दौरान कई लोग भगवान को मन ही मन अपनी दुख समस्या बताते हैं। तो वहीं कुछ अपनी जिंदगी में होने वाले हर एक क्षण का आभार प्रकट करते हैं। तमाम लोग भगवान से इस तरह बात करते हैं कि जैसे कि कोई दोस्त हमारी बातें सुनता है लेकिन क्या वाकई में भगवान तक हमारी बातें पहुंचती हैं? क्या भगवान हमारी बातों को सुनते हैं? ऐसे सवाल हर किसी के मन में कभी ना कभी जरूर आते हैं। अब वृंदावन के जाने-माने संत प्रेमानंद महाराज ने इस पर अपनी राय रखी है। एक श्रद्धालु के पूछे जाने पर प्रेमानंद महाराज ने अपने अनुभवों को भी साझा किया है।सेकंड में होता है काम प्रेमानंद महाराज ने इस सवाल का जवाब देते हुए कहा कि आपको बताए आज तक की बात...सेकंड में बात सुनी गई है...सेकंड में...मिनट नहीं। सिर्फ सेकंड मे...
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