बुलंदशहर, मई 29 -- नगर के श्री राजराजेश्वर मंदिर में इन दिनों भक्ति की अविरल धारा बह रही है। हरि नाम संकीर्तन मंडल के 52वें वार्षिक महोत्सव के अंतर्गत आयोजित की जा रही श्री भक्तमाल कथा के सातवें दिन श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। कथा व्यास नवनीत प्रियदास महाराज ने संत महिमा, हरि नाम संकीर्तन और भक्तों की महत्ता का ऐसा सुंदर और मर्मस्पर्शी वर्णन किया कि पूरा मंदिर परिसर तालियों की थाप और जयकारों से गुंजायमान हो उठा। कथावाचक नवनीत प्रियदास महाराज ने भक्त और भगवान के अनन्य प्रेम की महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान सदैव अपने सच्चे भक्तों के वश में रहते हैं, इसीलिए शास्त्रों में भगवान से भी ऊपर भक्त की महिमा गाई गई है। उन्होंने श्रद्धालुओं की शंकाओं का समाधान करते हुए संदेश दिया कि भक्ति के लिए कंदराओं में जाने की आवश्यकता नहीं है, गृहस...