मेरठ, नवम्बर 26 -- इंसान भगवान से जिस भी तरह का रिश्ता बनाता है, भगवान उसे उसी रूप में स्वीकार कर निभाते हैं। यह बात माउंट आबू से आईं राजयोगिनी उर्मिला दीदी ने कही। वे प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित तनाव मुक्ति एवं शांति अनुभूति शिविर के तीसरे दिन दिल्ली रोड स्थित प्रभु मिलन भवन में बोल रही थीं। इस दौरान उन्होंने ध्रुव की कथा सुनाई। उर्मिला दीदी ने कहा कि भगवान से सिर्फ सच्चे मन से रिश्ता बनाइए चाहे पिता, दोस्त, भाई या साथी के रूप में भगवान उसे जरूर निभाएंगे। उन्होंने प्रह्लाद और शबरी के उदाहरण भी दिए। कार्यक्रम में सैकड़ों लोग उपस्थित रहे। मंच संचालन सेवाकेंद्र प्रभारी सुनीता दीदी ने किया।
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