जौनपुर, फरवरी 26 -- मुंगराबादशाहपुर, हिन्दुस्तान संवाद। पांच दिवसीय हनुमत कथा एवं दिव्य दरबार के चौथे दिन वीरेश्वर धाम कानपुर से पधारे परमपूज्य पीठाधीश्वर रुद्रेश्वर महाराज जी ने भगवान श्री राम और माता जानकी के विवाह, हनुमान जी के चरित्र, राम भक्ति, बाल लीलाओं और पंचमुखी अवतार की कथा का मनोहारी वर्णन किया। भगवान श्री राम माता जानकी की दिव्य झांकी कथा पंडाल में आकर्षण का केंद्र रही। पीठाधीश्वर रुद्रेश्वर महाराज जी ने कहा कि जीवन के कष्टों को दूर करने के लिए हनुमान जी की शरण में जाना, राम नाम का संकीर्तन करना और उनके द्वारा अपनाए गए सेवा मार्ग पर चलना ही सच्चा मार्ग है। उन्होंने बताया कि जब जनकपुरी पहुंचने पर राजा जनक सहित वहां की नर-नारियां प्रभु श्री राम के अप्रितम लावण्य को देखकर मुग्ध हो गए। पुष्प वाटिका में माता जानकी एवं प्रभु श्री रा...