बक्सर, फरवरी 25 -- बक्सर, हमारे संवाददाता। जिले के गोसाईंपुर ग्राम में श्रीमद्भागवत कथा महापुराण का आयोजन हो रहा है। इस दौरान प्रवचन करते हुए आचार्य रणधीर ओझा ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल सखा, सुदामा चरित्र की कथा सुनाई। इसी दौरान शुकदेवजी व राजा परीक्षित के प्रसंग का भी वर्णन किया। आचार्य ने कथा सुनाते हुए कहा कि श्रीकृष्ण एवं सुदामा की मित्रता समाज के लिए एक मिसाल है। सुदामा के आने की खबर सुनकर श्रीकृष्ण व्याकुल होकर दरवाजे की तरफ दौड़ते हैं। श्रीकृष्ण अपने बाल सखा सुदामा की आवभगत में इतने विभोर हो गए कि द्वारका के नाथ हाथ जोड़कर औरंग लिपट कर जल भरे नेत्रों से सुदामा का हाल चाल पूछने लगे। इस प्रसंग से हमें यह शिक्षा मिलती है कि मित्रता में कभी धन दौलत आड़े नहीं आती। आचार्य ने आगे शुकदेव परीक्षित की कथा सुनाई। शुकदेवजी ने परीक्षित को अंतिम ...