जौनपुर, मार्च 8 -- बदलापुर, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के कमालपुर गांव में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन शनिवार को अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक संतोष महाराज ने राजा परीक्षित के जन्म की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि कौरव-पांडव युद्ध के बाद अभिमन्यु की पत्नी उत्तरा के गर्भ में परीक्षित पल रहे थे। कथा के अनुसार अश्वस्थामा ने ब्रह्मास्त्र चलाकर गर्भ को नष्ट करने का प्रयास किया। इसकी जानकारी होने पर भगवान श्रीकृष्ण ने उत्तरा के गर्भ की रक्षा की और ब्रह्मास्त्र का प्रभाव समाप्त कर दिया। संतोष महाराज ने बताया कि श्रीमद्भागवत विभिन्न दिव्य कथाओं का सार है। इसके श्रवण से जीवन में भक्ति और सदाचार का मार्ग मिलता है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण के श्राप के बाद भी श्रीमद्भागवत के श्रवण से राजा परीक्षित को मोक्ष की प्राप्ति हुई थी। कलियुग में भ...