मुजफ्फरपुर, मई 29 -- मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। सिकंदरपुर जरदा फैक्ट्री स्थित चल रहे संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का आयोजन हुआ। कथा व्यास पंडित आचार्य विष्णु शर्मा ने राजा शर्याति की पुत्री सुकन्या तथा च्यवन ऋषि के प्रसंग का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि अश्विनी कुमारों के वरदान से च्यवन ऋषि को पुनः यौवन प्राप्त हुआ। कथा के दौरान भक्त अम्बरीष का प्रसंग भी सुनाया गया। उन्होंने कहा कि भक्त अम्बरीष भगवान नारायण के परम भक्त थे और उनकी रक्षा के लिए भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र को नियुक्त किया था। एक बार ऋषि दुर्वासा द्वारा अम्बरीष पर आसुरी शक्ति का प्रयोग किए जाने पर सुदर्शन चक्र उनकी रक्षा के लिए सक्रिय हो गया। अपनी रक्षा के लिए दुर्वासा ब्रह्मा, शंकर और विष्णु के पास पहुंचे। अं...