सराईकेला, मार्च 16 -- खरसावां,संवाददाता। सरायकेला प्रखंड के घोड़ालांग गांव में श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीला का मनोहारी वर्णन सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा के दौरान भक्ति और श्रद्धा का वातावरण बना रहा।वृंदावन से पधारे कथावाचक महाराज बलराम जी ने व्यासपीठ से श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने पूतना उद्धार, नामकरण, माखन लीला, कालीया मर्दन, चीर हरण और गोवर्धन पूजा जैसे प्रसंगों के माध्यम से भक्तों को भगवान श्रीकृष्ण की महिमा से अवगत कराया।कथावाचक ने बताया कि श्रीकृष्ण लीला भक्तों के लिए आनंद, प्रेम और भक्ति का प्रतीक है। नामकरण प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि वसुदेव और देवकी के पुत्र कृष्ण के जन्म के बाद ऋषियों और नंद-यशोदा ने उनका नामकरण किया। जिसमें 'कृष्ण' नाम का अर्थ आकर्षक और श्...