मिर्जापुर, अप्रैल 20 -- लालगंज। लहंगपुर गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में सोमवार को कथा व्यास डॉ. रामलाल त्रिपाठी ने माखन चोरी, गोवर्धन पूजा एवं रुक्मिणी विवाह के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि भक्ति, प्रेम और सरलता का गूढ़ संदेश देती हैं। माखन चोरी प्रसंग की रोचक अंदाज में कथा सुनाते हुए उन्होंने कहा कि भगवान की यह लीला भक्त और भगवान के मधुर संबंध की प्रतीक है। जहां निष्कपट प्रेम ही सर्वोपरि होता है। गोवर्धन पूजा प्रसंग में भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के अहंकार का दमन कर प्रकृति, गौवंश और ग्राम्य जीवन की महत्ता को स्थापित किया। यह भी पढ़ें- जीवन को सही दिशा दिखाने वाला अध्यात्मिक ग्रंथ है भागवत वहीं रुक्मिणी विवाह प्रसंग में अटूट श्रद्धा, विश्वास और समर्पण की शक्ति का वर्...