प्रतापगढ़ - कुंडा, मार्च 13 -- पूरे स्वामी में आयोजित सप्तादिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में शुक्रवार को कथा व्यास स्वामी योगेश्वराचार्य ने गोपियों संग भगवान श्रीकृष्ण की महारासलीला, मथुरा गमन का प्रसंग सुनाया। जिसे सुनकर श्रोता भावविभोर हो गए। कथाव्यास ने सुनाया कि भगवान श्रीकृष्ण की बंशी की धुन सुनकर गोपियां ही नहीं सारा बृजवासी ठहरा जाता था। कथा व्यास ने रास और महारास में अंतर स्पष्ट करते हुए श्रोताओं को बताया कि जब भगवान से मिलने की इच्छा भक्त करते हैं तो वह रास कहा जाता है। जबकि जब भगवान स्वयं अपने भक्तों से मिलने के लिए आते हैं तो उसे महारास कहा जाता है। मुख्य आयोजक रमाकांत मिश्र व द्रोपदी मिश्रा ने व्यासपीठ का पूजन किया। गंगा रक्षा मंच के संस्थापक रामभरोस मिश्र ने कथाव्यास का अंगवस्त्र भेंट कर सम्मान किया। कथा के संयोजक राजकुमार मिश्र, मन...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.