बिहारशरीफ, मई 15 -- भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से 'मलमास' बना पुरुषोत्तम मास पूजा, जप, दान और भागवत श्रवण का है विशेष महत्व अधिक मास में सूर्य की संक्रांति नहीं होने से मांगलिक कार्य है वर्जित फोटो: कुंड: मलमास मेले के लिए सज-धजकर तैयार राजगीर के कुंड क्षेत्र का विहंगम नजारा। पावापुरी, निज संवाददाता। सनातन परंपरा में अधिकमास विशेष आध्यात्मिक साधना और भगवान विष्णु-श्रीकृष्ण की आराधना का विशेष महीना माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से ही 'मलमास' को 'पुरुषोत्तम मास' के रूप में सम्मान प्राप्त हुआ। इसी कारण यह मास सभी महीनों में श्रेष्ठ और पुण्यदायी माना जाता है। यह भी पढ़ें- गाय की पूंछ पकड़कर वैतरणी पार करेंगे श्रद्धालु, धुल जाएंगे जन्म-जन्मांतर के पापधार्मिक मान्यता पंडित कृष्णदेव पाण्डेय ने बताया कि अधिकमास में सू...