भगवान शिव भोले हैं इसलिए उन्हें भोले बाबा भी कहा जाता है
कानपुर, अगस्त 18 -- पुखरायां, संवाददाता भोगनीपुर में स्थित राधाकृष्ण मंदिर में सावन मास में चल रही शिव पुराण कथा के दूसरे दिन झलोखर से पधारे कथावाचक सर्वेश द्विवेदी ने कहाकि भगवान शिव भोले स्वभाव के हैं और एक लोटा जल व धतूरे के फल को अर्पित करने से ही खुश हो जाते हैं। शिव भोले हैं इसीलिए उन्हें भोले बाबा भी कहा जाता है।झलोखर से पधारे कथावाचक सर्वेश द्विवेदी ने शिव पुराण कथा के अंतर्गत दूसरे दिन शिव व पार्वती की कथा सुनाई। उन्होंने कहाकि शिव महापुराण सनातन धर्म के प्रमुख 18 पुराणों में एक है, जिसमें भगवान शिव को सृष्टि करता पालन करता व संहारक परमब्रह्मा में के रूप में माना गया है। यह भी पढ़ें- शिव पुराण जीवन को धर्म, भक्ति और सदाचार के मार्ग पर ले जाने वाला दिव्य ग्रंथ कहाकि शिव पुराण कथा के श्रवण करने से सुख, शांति व आनंद की प्राप्त होती ...
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