गिरडीह, फरवरी 13 -- जमुआ, प्रतिनिधि। जमुआ प्रखंड के हरला पंचायत अंतर्गत बसरिया धाम में श्री श्री 1008 नौ दिवसीय शतचंडी महायज्ञ सह शिव प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान हो रहा है। इसी को लेकर श्रीराम कथा के पंचम दिवस शिव विवाह महोत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय कथावाचक पं मारुतिनन्दन शास्त्री जी महाराज ने शिव-पार्वती विवाह की कथा सुनाई, जिसे सुनकर उपस्थित श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। पं शास्त्री ने बताया कि भगवान शिव की बारात में देवता, गंधर्व, यक्ष, भूत, पिशाच और नंदी-भृंगी शामिल थे। बाराती अजीबो गरीब थे- कोई सिर के बिना था, तो किसी के कई सिर थे। दूल्हे राजा शिव ने शरीर पर भस्म लगाई थी और वे बैलों पर सवार होकर आए थे। विष्णु जी ने कहा कि भगवान शिव अजन्मा हैं और इस बारात के दूल्हे हैं। कथा के अनुसार, जब मैना ने महादेव का डरावना रूप देखा ...