संभल, जुलाई 27 -- सनातन धर्म में श्रावण मास का अत्यंत विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व है। यह माह पूर्णतः भगवान शिव की उपासना, भक्ति, तप, संयम एवं साधना को समर्पित माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना करने से साधक की समस्त मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं तथा जीवन में सुख, शांति, आरोग्य एवं समृद्धि का आगमन होता है। इस वर्ष श्रावण मास 30 जुलाई से प्रारंभ होकर 28 अगस्त तक रहेगा। इस संपूर्ण माह में भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना, जलाभिषेक, रुद्राभिषेक एवं शिवार्चन का विशेष महत्व है। मान्यता है कि श्रावण मास में प्रतिदिन भगवान शिव का अभिषेक, रुद्राभिषेक एवं शिवार्चन करने से भक्तों की मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं तथा भगवान भोलेनाथ की असीम कृपा प्राप्त होती है। यह भी पढ़ें- सावन में पूजा कैसे करें, जानें कब है शिव...