बिहारशरीफ, मार्च 31 -- भगवान वर्द्धमान ने अहिंसक जीवन जीने का दिया संदेश : जिनचंद्र सुरीश्वरजी महाराज 'जियो और जीने दो' आज भी प्रासंगिक आत्मा अजर-अमर है और उसका उपचार अध्यात्म से संभव पावापुरी, निज संवाददाता। भगवान वर्द्धमान महावीर ने 2600 वर्ष पूर्व समस्त मानव जाति को अहिंसक जीवन जीने का जो संदेश दिया था, वह आज भी पूरी दुनिया के लिए उतना ही प्रासंगिक है। भगवान महावीर का अमर संदेश 'जियो और जीने दो' मानवता के लिए शांति, सह-अस्तित्व और करुणा का सर्वोच्च मार्ग है। ये बातें आचार्य पूज्य जिनचंद्र सुरीश्वरजी महाराज ने महावीर जयंती के अवसर पर जैन श्वेतांबर भंडार तीर्थ स्थित पावापुरी के प्रवचन हॉल में मंगलवार को श्रद्धालुओं को कही। उन्होंने कहा कि रोग का उपचार चिकित्सा विज्ञान से संभव है, लेकिन आत्मा अजर-अमर है और उसका उपचार चिकित्सा विज्ञान से न...