रामपुर, जुलाई 7 -- बिलासपुर। सोमवार को नगर के मोहल्ला साहूकारा स्थित सनातन धर्म मंदिर में आयोजित सात दिवसीय श्रीराम कथा के तीसरे दिन कथा व्यास पंडित बृजेश पाठक ने कहा कि भगवान राम की उदारता है, कि वह अपने भक्त के दोष नहीं देखते है। क्योंकि यदि प्रभु राम भी व्यक्ति के गुण दोष देखकर उद्धार करते तब तो किसी का उद्धार नहीं हो पता।

भगवान का दृष्टिकोण वह कर्मों के आधार पर नहीं अपनी कृपा के आधार पर व्यक्ति को स्वीकार करते हैं। श्री राम तो पापियों और अपराधियों को भी निष्पाप बना देते हैं और अपनी शरण में स्वीकार कर लेते हैं। इसीलिए चित्रकूट में जब श्रीराम ने भरत की प्रशंसा की तो भरत ने कह दिया आप जो प्रशंसा कर रहे हैं। वह मेरी विशेषता नहीं, बल्कि आपकी आंखों की विशेषता है। क्योंकि आपकी आंखों में सारी शक्ति है पर दूसरों के दोष देखने की शक्ति नहीं है।...