पलामू, मार्च 19 -- मेदिनीनगर, प्रतिनिधि। चैनपुर प्रखंड क्षेत्र के नरसिंहपुर पथरा में आयोजित श्री रामचरित मानस नवाह्न परायण पाठ महायज्ञ के 11वें अधिवेशन के तीसरे दिन राम-सीता विवाह प्रसंग का भव्य आयोजन किया गया। कथा के दौरान कथावाचिका माधुरी सरस ने भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्हें यूं ही मर्यादा पुरुषोत्तम नहीं कहा जाता है, भगवान राम ने मर्यादा में रहकर अपने जीवन को महान बनाया और उनके पदचिह्नों पर चलकर ही मनुष्य अपना जीवन सफल बना सकता है। वर्तमान में समाज लोग छोटी-छोटी बातों में अपनी मर्यादा भूल जाते हैं। ऐसे में भगवान राम के आदर्शों को अपनाकर हीं जीवन को सफल बनाया जा सकता है| इस दौरान यजमान सिकंदर चौरसिया सपत्नीक एवं यज्ञाचार्य ललित पांडेय ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत राम-सीता विवाह संपन्न कराया|
हिंदी ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.