मिर्जापुर, जून 13 -- लालगंज। क्षेत्र के दीवानपुर स्थित सिद्धेश्वर महादेव मंदिर परिसर में चल रही सात दिवसीय रामकथा के पांचवें दिन शुक्रवार को कथावाचक धरमजी महाराज ने सीता-राम विवाह के बाद जनकपुर से अयोध्या वापसी का प्रसंग सुनाया। कथा में भगवान श्रीराम, माता सीता सहित चारों भाइयों और उनकी अर्धांगिनियों के अयोध्या प्रस्थान का भावपूर्ण वर्णन किया। कथावाचक ने कहा कि विवाह के बाद राजा जनक ने सम्मानपूर्वक बारात को विदा किया। अयोध्या नरेश महाराज दशरथ ने महर्षियों और संतों को अग्रभाग में रखकर पुत्रों, परिजनों एवं सेवकों के साथ राजधानी की ओर प्रस्थान किया। उन्होंने कहा कि यह प्रसंग भारतीय संस्कृति में संतों के सम्मान, पारिवारिक मर्यादा और आदर्श राजधर्म का प्रतीक है। यह भी पढ़ें- भगवान राम का चरित्र मानव समाज के लिए आदर्श धरमजी महाराज ने कहा कि भगवा...