बोकारो, फरवरी 18 -- भगवान भक्तों के अधीन होते हैं साथ ही साथ भगवान सदैव सेवकों की रुचि रखते हैं, उक्त बातें मानस प्रवक्ता अनिल बाल व्यास जी महाराज ने घांघरागौड़ा में आयोजित रुद्र महायज्ञ सह महाशिवरात्रि महोत्सव में उपदेश वाणी के दौरान कही। उन्होंने कहा कि जीवों पर दया सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने कहा कि सत्य ही धर्म है जिन्होंने सत्य को धारण किया वे ही धर्मात्मा हैं। कथा वाचक ने राम नाम की महिमा पर प्रकाश डालते हुए कलियुग में मुक्ति श्रेष्ठ मार्ग प्रभु नाम का जप बताया। इसके पूर्व इंद्राणी भारद्वाज राम विवाह पर भक्तिमय संगीत प्रस्तुत किया। मानस कोकिल सुभाष शास्त्री ने रुद्र महायज्ञ आयोजन करने से समाज को मिलने वाली लाभ पर प्रकाश डालते हुए जनक की पुष्प वाटिका और रावण की अशोक वाटिका पर प्रकाश डाला। पुष्प वाटिका मिलन वाटिका है जबकि अशोक वाटिका ...
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