आगरा, अक्टूबर 3 -- बदन सिंह, सोरन और रमेश। कुसियापुर इन तीनों बुर्जगों की आंखों में इस दर्दनाक हादसे की बेबसी थी। कह उठे कि बुढ़ापे में ईश्वर ने यह दिन दिखा दिया। बदन सिंह की उम्र करीब 72 वर्ष है। हादसे के शिकार गगन, हरेश, अभिषेक और ओमपाल उनके पारिवारिक नाती हैं। वह बोले कि इससे अच्छा होता कि ईश्वर उनको उठा लेता। इन बच्चों ने अभी जीवन में क्या देखा था। पढ़ने-लिखने की उम्र में ही चले गए। पता नहीं भगवान ने उनको किस कर्म की सजा दी है। इधर पास ही बुजुर्ग रमेश भी हैं। वह भी इस हादसे से आहत हैं। हादसे का शिकार एक युवक उनके परिवार से है। आंसू लिए रमेश बताते हैं कि पुलिस-प्रशासन कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। बचाव कार्य बहुत धीमी गति से हो रहा है। परिवार की महिलाएं बेहाल हैं। घरों में चूल्हे तक नहीं चले हैं। बच्चों की तलाश में तेजी आनी चाहिए। 71 वर्ष...