कानपुर, अप्रैल 18 -- कानपुर। सीएसजेएमयू में शनिवार को भगवान परशुराम के प्राकट्योत्सव (परशुराम जयंती) और अक्षय तृतीया के उपलक्ष्य में विश्वविद्यालय के 'दीनदयाल शोध केंद्र' में 'परशुराम से राम तक' का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता डॉ. रामकृपाल त्रिपाठी ने सारस्वत उद्बोधन में कहा कि आज की युवा पीढ़ी को भगवान परशुराम और भगवान राम, दोनों के जीवन से बहुत कुछ सीखने की जरूरत है। यूआईईटी लेक्चर हॉल एक में हुए समारोह में डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि आज के युग में 'शास्त्र' का अर्थ हमारी शिक्षा, तकनीकी ज्ञान और संस्कार हैं, जबकि 'शस्त्र' का अर्थ हमारे भीतर का वह साहस है जो हमें गलत के खिलाफ खड़े होने की ताकत देता है। यह भी पढ़ें- भगवान परशुराम जयंती पर स्कूल में कार्यक्रम एक आदर्श समाज की स्थापना तभी संभव है जब युवा राम जैसी मर्यादा और परशुराम जैसे तेज, दोनो...