संभल, सितम्बर 23 -- भगवान चंद्रप्रभु का महामस्तकाभिषेक, तप धर्म की आराधना बहजोई। दशलक्षण महापर्व के तहत मंगलवार को उत्तम तप धर्म की श्रद्धा और भक्ति के साथ आराधना की गई। इस दौरान मूलनायक भगवान चंद्रप्रभु का महामस्तकाभिषेक किया गया। महामंडल विधान में सौधर्म इंद्र के रूप में विभोर जैन व रेशु जैन ने सौभाग्य पाया। जैन शास्त्री चंद्रकुमार जैन ने कहा कि इच्छाओं का निरोध ही तप है। तप आत्मसंयम और आत्मशुद्धि का मार्ग है। शाम को जैन धर्म तंबोला प्रतियोगिता हुई, जिसमें समाज के लोगों ने उत्साह से भाग लिया। आयोजन आकांक्षा जैन ने तथा संचालन संभव जैन ने किया। यह भी पढ़ें- आत्मसंयम और आत्मा के स्वरूप में लीन होने का मार्ग है उत्तम तप यह भी पढ़ें- Bijnor News: तप शरीर को नहीं आत्मा को भी बनाता है मजबूत यह भी पढ़ें- Shamli News: दशलक्षण पर्व के सातवें दिन ...