बलिया, मार्च 13 -- रसड़ा, हिन्दुस्तान संवाद। कथावाचक अखिलेश चंद्र उपाध्याय ने कहा कि जब हम भगवान के मंदिर में जाते हैं मांगते हैं, इसमें रहस्य छिपा है कि हम भगवान को मांगते हैं या भगवान से मांगते हैं। बताया कि भगवान से मांगने वालों के अंतिम सांस तक मांगने का सिलसिला कभी खत्म नहीं होता। लेकिन जो एक बार भगवान को मांग लेता है फिर उसके जीवन में कुछ मांगना शेष नहीं रहता।रसड़ा के श्रीनाथ मठ परिसर में चल रहे सत्संग में गुरुवार की रात प्रवचन में कथावाचक उपाध्याय ने प्रवचन में उदाहरण देते हुए बताया कि मनु महाराज ने भगवान को मांग लिया तो क्या उन्हें फिर कुछ मांगना शेष रहा, महर्षि विश्वामित्र ने भगवान को मांग लिया तो और मांगने को क्या बचा, इसी तरह गुरुदेव मतंग ऋषि के कहने पर सबरी ने भगवान की प्रतीक्षा की तो सबरी को जीवन में और क्या मांगना बाकी रहा। ...
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