मेरठ, जून 17 -- दशमेश नगर में चल रही श्रीराम कथा के चौथे दिवस कथाव्यास जनार्दन तिवारी ने भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव, बाल लीलाओं एवं नामकरण संस्कार का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान के समक्ष संसार की समस्त भौतिक वस्तुएं तुच्छ हो जाती हैं। प्रभु के जन्म के उपरांत राजा दशरथ द्वारा किए गए न्यौछावर का प्रसंग इसी सत्य को दर्शाता है। कथा व्यास ने बताया कि भगवान श्रीराम प्रेम और भक्ति से प्राप्त होते हैं, अहंकार और अधिकार से नहीं। उन्होंने श्रीराम की बाल लीलाओं, भगवान शिव के अयोध्या आगमन तथा चारों भाइयों के नामकरण संस्कार का वर्णन करते हुए बताया कि गुरु वशिष्ठ ने उनके गुणों के अनुरूप राम, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न नाम रखे। यह भी पढ़ें- भगवान के समक्ष भौतिक वस्तुएं तुच्छ : जनार्दन तिवारी प्रभु श्रीराम के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।...