उन्नाव, मार्च 2 -- बीघापुर। विकासखंड क्षेत्र के गांव अमरपुर आंव में चल रही भागवत कथा के छठे दिन नैमिषारण्य से आए भागवताचार्य गोपाल शास्त्री ने सुदामा चरित्र तथा जामवंती के विवाह की सुंदर कथा सुनाई। उन्होने कहा कि सुदामा के मथुरा पहुंचने पर भगवान कृष्ण सब कुछ छोड़ नंगे पैर ही सुदामा को लेने दौड़े और अपने हाथों से उनके चरण धोकर उन्हें सम्मान किया। मित्र धर्म बहुत कठिन है आज वर्तमान समय में एक दूसरे के साथ धोखाधड़ी करना ही धर्म रह गया है। कृष्ण ने मित्र धर्म के उच्च मानदंडों को स्थापित किया है। कहा कि अच्छे विचारों के आदान-प्रदान से ही आत्मा को उन्नति की ओर ले जाया जा सकता है। भेदभाव, ऊंच नीच की कुरीतियों को समाप्त कर स्वस्थ राष्ट्र की कल्पना को साकार किया जा सकता है। इस मौके पर प्रेम दीक्षित, अंबेश्वर पांडेय, शिवकुमार बाबा, सिद्धनाथ वर्मा, सती...
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