चंदौली, दिसम्बर 30 -- शिकारगंज, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र नेवाजगंज में ‌सोमवार को मानस समिति की ओर से श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया था। कथा के अंतिम दिन‌ गोरखपुर से आये डॉ . रामेश्वर मिश्र ने सुदामा चरित्र और परीक्षित मोक्ष आदि प्रसंगों का सुंदर वर्णन किया। सुदामा जी जितेंद्रिय एवं भगवान कृष्ण के परम मित्र थे। भिक्षा मांगकर अपने परिवार का पालन पोषण करते। कथा वाचक ने बताया कि सुदामा जी गरीबी के बावजूद हमेशा भगवान के ध्यान में मग्न रहते। पत्नी सुशीला सुदामा जी से बार बार आग्रह करती कि आपके मित्र तो द्वारकाधीश है। उनसे जाकर मिलो शायद वह हमारी मदद कर दें। सुदामा पत्नी के कहने पर द्वारका पहुंचते हैं और जब द्वारपाल भगवान कृष्ण को बताते हैं कि सुदामा नाम का ब्राम्हण आया है। कृष्ण यह सुनकर नंगे पैर दौङकर आते हैं और अपने मित्र को गले से लगा ...