बुलंदशहर, जून 2 -- तहसील क्षेत्र के ग्राम भराना में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ समारोह के पंचम दिवस पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा व्यास वृंदावन से पधारे आचार्य पंडित राकेश कृष्ण शास्त्री ने भगवान के प्रेम, विरह और दिव्य आनंद का मार्मिक वर्णन करते हुए कहा कि जिस साधक ने एक बार भी भगवान की मुस्कान का साक्षात आनंद प्राप्त कर लिया, उसके जीवन के शोकाश्रु सदा के लिए सूख जाते हैं। उन्होंने कपिल भगवान और माता देवहूति के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि जैसे किसी पात्र में गंगाजल भरने से पहले उसमें भरा खारा पानी निकालना पड़ता है, उसी प्रकार मनुष्य के हृदय में भरे शोक, मोह और सांसारिक दुखों को भगवान के स्मरण और भक्ति के माध्यम से बाहर निकालना आवश्यक है। जब भक्त भगवान के विरह में रोता है तो वह शोकाश्रु होते हैं, लेकिन जब उसे भगवान की...