आरा, मार्च 17 -- कुसंग जीवन का विष है और सत्संग अमृत आरा, निज प्रतिनिधि। शहर के जगदेव नगर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह के पहले दिन प्रवचन करते हुए श्रीमत्सनातन शक्तिपीठाध्यक्ष आचार्य डॉ भारतभूषण जी महाराज ने कहा कि मानवी जीवन सत्संग, सदाचार और परोपकार के अमृत से सिंचित होने के लिए परमात्मा का दिया हुआ सर्वोत्तम उपहार है। भगवान की भक्ति ही जीवन का परम धन है। गुरु, ग्रंथ और गोविंद के सेवन में ही जीवन की असली सफलता सिद्ध होती है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत से भक्ति, ज्ञान और वैराग्य पुष्ट होते हैं तथा भगवत्प्राप्ति और प्रपत्ति सिद्ध होती है। आचार्य ने कहा कि कलिकाल में धर्म के नाम पर दंभ, द्वेष और पाखंड का बोलबाला बढ़ जाता है। ऐसे में स्वयं को सबसे छोटा और विश्व को भगवान का स्वरूप मानकर कलिपावनावतार गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज की तरह...
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