भगवद्गीता जीवन को सही दिशा देने वाला व्यवहारिक दर्शन
मुरादाबाद, सितम्बर 14 -- राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी विकसित करने के उद्देश्य से बाल चेतना विकास अभियान का आरंभ राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) में किया गया। यह पहल आनंदघन लोक शिक्षा केंद्र, पुनरुत्थान विद्यापीठ के तत्वावधान में शुरू की गई है। अभियान के तहत हर सप्ताह बालकों में ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्वामी कृष्णानंद झा ने मुख्य वक्ता के रूप में कार्यक्रम भगवद्गीता का कर्मयोग एवं भक्तियोग का विषय रखा। उन्होंने कहा कि भगवद्गीता केवल आध्यात्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला व्यवहारिक दर्शन है। श्रीमद्भगवद्गीता के छठे अध्याय के पांचवें श्लोक का संदर्भ देते हुए बालकों को समझाया कि मनुष्य स्वयं अपने उत्थान का माध्यम बन सकता है। कार्यक्रमों का उद्देश्य बालकों में आत्मविश्वास, सकारात्मक चिंतन, अनुशासन, नैतिक मूल्यों, कर्तव्...
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