मथुरा, मार्च 16 -- रंगीली कुंज जुगल जोड़ी परिक्रमा मार्ग पर आयोजित 110 दिवसीय भव्य केलिमाल महोत्सव का समापन अत्यंत हर्षोल्लास और भक्तिपूर्ण वातावरण में हुआ। महोत्सव के अंतिम दिन देश के ख्यातिलब्ध कलाकारों और संतों की मधुर वाणी ने भक्तों को भाव-विभोर कर दिया। रंगीली कुंज के संस्थापक बाबा श्याम दास महाराज ने कहा प्रभु और संतों के उत्सव में आने का सौभाग्य प्रभु की कृपा से ही जीव को प्राप्त होता है। प्रभु उत्सव जीव के जीवन में भगवत भक्ति को बढ़ाने का कार्य करते हैं। महंत मोहिनी बिहारी शरण ने कहा कि साधु-संतों पर विश्वास रखना हमें सकारात्मक सोच, धैर्य और आत्मबल देता है। उनका सान्निध्य हमें यह सिखाता है कि ईश्वर हर जीव में विद्यमान है और सच्ची भक्ति कर्म और सादगी में है। इससे पूर्व भजन गायिका सोनी वासु ने अपनी शास्त्रीय गायकी से ठाकुरजी का गुणग...