भगवत कथा मनुष्य के भीतर ज्ञान, विवेक और वैराग्य को जागृत की साधना
मुंगेर, अगस्त 11 -- मुंगेर,हिन्दुस्तान प्रतिनिध। प्रसिद्ध मानस कोकिला कृष्णा देवी की वाणी से सोमवार को पादुका दर्शन आश्रम भक्तिमय हो उठा।
कथाओं का शुभारंभ परमहंस स्वामी निरंजनानंद सरस्वती के सान्निध्य में चल रहे चातुर्मास अनुष्ठान के दौरान श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। स्वामी शिवध्यानम ने कहा कि कृष्णा देवी पिछले करीब 50 वर्षों से मानस कोकिला के रूप में विख्यात हैं। 1970 के दशक से ही उनका जुड़ाव परमहंस स्वामी सत्यानंद सरस्वती से रहा है। वह उनके शिविरों में आती रहीं और भजन, मानस तथा कथा के माध्यम से साधकों के बीच भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का संचार करती रहीं। उन्होंने कहा कि यह वर्ष गुरु और नारायण को समर्पित है। कथा के आरंभ में कृष्णा देवी ने श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेवा भजन प्रस्तुत किया। कथा में कृष्णा देवी ने ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.