वाराणसी, मार्च 24 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। जन्म जन्मांतर के पाप से मुक्ति की कामना से भक्तों ने वासंतिक नवरात्र की पंचमी तिथि सोमवार को मां गौरी के विशालाक्षी स्वरूप का दर्शन-पूजन किया। मीरघाट क्षेत्र में धर्मकूप के निकट विशालाक्षी गौरी के मंदिर में भोर से रात में शयन आरती तक दर्शन का अटूट क्रम चला।विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र में होने के से इस क्षेत्र में पहले से ही माला फूल और प्रसाद की कई दुकानें हैं ऐसे में मौसमी दुकान लगाने वालों को मंदिर से काफी दूर ही अपनी डलिया-दौरी लगानी पड़ी। मंदिर के महंत राजनाथ तिवारी ने बताया कि ब्रह्म मुहूर्त में देवी की मंगला आरती के उपरांत देवी के प्रिय पुष्पों अड़हुल और कमल से शृंगार किया गया। देवी को विशेष भोग अर्पित किए गए।इसके बाद मंदिर के पट भक्तों के लिए खोल दिए गए। मध्यरात्रि के बाद से ही भक्तों की...