नई दिल्ली, जुलाई 16 -- सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि वह चंडीगढ़ प्रशासन की एक याचिका पर विचार करने का इच्छुक नहीं है। प्रशासन ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई थी, जिसके तहत 2020 में हुए विरोध-प्रदर्शन को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान और अन्य 'आप' नेताओं के खिलाफ एफआईआर रद्द कर दी गई थी। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और वी. मोहना की पीठ ने चंडीगढ़ प्रशासन की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह मौखिक टिप्पणी की। इस याचिका में 2020 में चंडीगढ़ में हुए विरोध मार्च से जुड़ी एफआईआर और चार्जशीट रद्द करने के हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई थी। यह भी पढ़ें- Delhi News: तमिलनाडु चुनाव संबंधी याचिका पर सुनवाई नहीं सीजेआई ने कहा कि लोकतंत्र में हर कोई नारेबाजी करता है। अब जब वह (मान) किसी जिम्मेदार पद पर हैं, तो हम स...