मुंगेर, अगस्त 15 -- मुंगेर,हिन्दुस्तान प्रतिनिध। पादुका दर्शन स्थित संन्यास पीठ में चातुर्मास अनुष्ठान के तहत श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन मानस कोकिला कृष्णा मिश्रा ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि, कृष्ण की बाल लीलाएं भक्त और भगवान के बीच के निश्छल प्रेम का प्रतीक है। उन्होंने सूरदास और तुलसीदास की रचनाओं के माध्यम से माता यशोदा के वात्सल्य और बालकृष्ण की मोहक लीलाओं को जीवंत किया। पूतना प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि, कंस के भेजने पर पूतना सुंदर स्त्री का रूप धारण कर गोकुल पहुंची और विष लगे स्तनों से बाल कृष्ण को स्तनपान कराने लगी। यह भी पढ़ें- Shamli News: चौसाना में श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से भक्तिमय हुआ अग्रवाल धर्मशाला का माहौल भगवान ने उसके दूध के साथ उसके प्राण भी खींच लिए। भगवान के स्...