रांची, मार्च 12 -- रांची, वरीय संवाददाता। केंद्रीय विश्वविद्यालय, झारखंड के हिन्दी विभाग द्वारा 'भारतीय ज्ञान परंपरा और भक्ति साहित्य' विषय पर आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन गुरुवार को हुआ। अध्यक्षता कुलपति प्रो. सारंग मेढ़ेकर ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व कुलपति प्रो. नंद कुमार यादव 'इंदु' उपस्थित रहे। अपने संबोधन में प्रो. नंद कुमार ने कहा कि मानसिक उपनिवेशवाद से मुक्ति के लिए भारतीय ज्ञान परंपरा और भक्ति साहित्य का अद्वितीय महत्व है। उन्होंने इसे भारतीय चेतना का मूल आधार बताया। संगोष्ठी का बीज वक्तव्य काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रो. श्रीप्रकाश शुक्ल ने प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि भक्ति साहित्य के अखिल भारतीय स्वरूप की विवेचना यूटोपिया की अवधारणा के बिना संभव नहीं है। प्रो. शुक्ल ने जोर देते हुए कहा कि भ...