भक्ति में सामाजिक भेदभाव का कोई स्थान नहीं : राज राजेश्वरर महाराज
शामली, अप्रैल 30 -- थानाभवन। नगर के मोहल्ला नवीपुरा मेला ग्राउंड में स्थित रविदास मंदिर प्रांगण मे श्री सनातन शिव शक्ति हनुमान मंडल के तत्वाधान में आयोजित साप्ताहिक सत्संग में प्रवचन करते हुए कथावाचक राज राजेश्वर महाराज ने कहा जाति और वर्ण से ऊपर भक्त और भगवान का संबंध सर्वोच्च आध्यात्मिक प्रेम है, जो शरीर, जन्म या सामाजिक लेबल को नहीं, बल्कि हृदय की पवित्रता और आत्मसमर्पण को देखता है। आत्मा भगवान का अंश है, इसलिए भक्ति में सामाजिक भेदभाव का कोई स्थान नहीं है; सच्चा भक्त जाति से परे जाकर ईश्वर के प्रेम का पात्र बनता है। भक्ति शरीर (वर्ण) से परे आत्मा का धर्म है। यह भी पढ़ें- समाज को जोड़ने का काम करता है धर्म: राजन जी महाराज रैदास,कबीर,मीरा,रसखान , मलिक मोहमद जायसी,शबरी,विदुर जैसे संतो ने जातिवाद से ऊपर उठकर प्रभु का साक्षात्कार किया।गोगा ...
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