सोनभद्र, फरवरी 5 -- ओबरा,हिंदुस्तान संवाद। ओम श्रीसदाशिव महादेव मंदिर में चल रहे श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन कथा व्यास माधवाचार्य पं. महेशदेव पांडेय ने भक्त ध्रुव और जड़ भरत के चरित्र का मार्मिक वर्णन किया। कथा के प्रारंभ में मुख्य यजमान पं. प्रमोद चौबे ने सपत्नीक श्रीमद्भागवत महापुराण की आरती उतारी और व्यास पीठ से आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान पूरा पूजा पांडाल श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। ध्रुव चरित्र से मिली अड़िग भक्ति की सीख व्यास ने पांच वर्षीय बालक ध्रुव के प्रसंग को सुनाते हुए कहा कि यदि मन में दृढ़ संकल्प और ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास हो, तो परमात्मा को प्राप्त करना कठिन नहीं है। माता सुरुचि के कटु वचनों से आहत होकर जब ध्रुव वन में गए, तो उनकी कठिन तपस्या ने भगवान विष्णु को प्रकट होने पर विवश कर दिया। उन्होंने ...