बागपत, मार्च 31 -- बड़ौत। जैन धर्म के चौबीसवें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक महोत्सव पर पाश्र्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर प्रांगण में भक्ति एवं श्रद्धा से ओत-प्रोत होकर माता की गोद भराई एवं सोलह स्वपन, श्रीजी की संगीतमय महाआरती का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम प्रात: काल में मंदिर के मूल नायक भगवान श्री 1008 पाश्र्वनाथ भगवान का अभिषेक एवं शांति धारा हुई। राजा श्रेंयास आहार समिति द्वारा त्रिशला माता की गोद भराई एवं अष्ट कुमारियों द्वारा माता त्रिशला की सेवा व सोलह स्वपन का दर्शन दिखाया गया। त्रिशला माता बनने का सौभाग्य इशिका जैन, स्वर्णा जैन, रूबी जैन, आस्था जैन को प्राप्त हुआ। माता के स्वप्न आने वाले महान आत्मा के जन्म का संकेत माने जाते हैं। इन स्वप्नों का अर्थ होता है कि माता के गर्भ में जन्म लेने वाला बालक महान, शक्तिशाली, ज्ञानवान...