हमीरपुर, मार्च 8 -- राठ, संवाददाता। कस्बे के बड़ा मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान रविवार को कथा वाचक योगेंद्र तिवारी ने मनु-शतरूपा, भगवान कपिल देव तथा सती अनुसुईया के पावन प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के माध्यम से उन्होंने समाज में नारी की भूमिका और उसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए महिलाओं को समय के साथ सजग और संस्कारों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। कथा वाचक ने बताया कि भगवान कपिल ने अपनी माता देवहूति को भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का उपदेश देकर जीवन के सच्चे मार्ग की शिक्षा दी थी। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य अपने जीवन में भक्ति, सदाचार और सत्कर्म को अपनाता है, तभी उसके जीवन के कष्ट दूर होते हैं और उसे आत्मिक शांति प्राप्त होती है। उन्होंने सती अनुसुईया के जीवन प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका चरित्र पतिव्रता धर्म, त्...