भागलपुर, अप्रैल 28 -- कहलगांव, निज प्रतिनिधि भगवान का नाम सच्चे भाव और श्रद्धा के साथ लिया जाए तो वह मनुष्य के जीवन को पवित्र, सफल और कल्याणकारी बना देता है। ये बातें नंदलालपुर स्थित देवीपुर शिव मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथा वाचिका पूर्ति किशोरी ने श्रद्धालुओं को भक्ति, धर्म और ईश्वर की असीम कृपा से जुड़े अनेक प्रेरक प्रसंग सुनाते अजामिल उपाख्यान का उल्लेख करते हुए कही।समुद्र मंथन प्रसंग में 14 रत्नों की उत्पत्ति और भगवान के मोहिनी अवतार का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि जीवन के संघर्ष से ही अमृत समान उपलब्धियां मिलती हैं। प्रह्लाद की अटूट भक्ति का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि सच्चा भक्त किसी भी परिस्थिति में भगवान से विचलित नहीं होता। यह भी पढ़ें- प्रभु नाम के स्मरण मात्र से जीव का होता कल्याण: शास्त्री कथा...
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