लखनऊ, दिसम्बर 15 -- कानपुर रोड़ के हिंदनगर स्थित श्री महाकालेश्वर धाम मंदिर प्रांगण में सोमवार से 11 दिवसीय श्रीविशाल महापुराण कथा आरंभ हुई। पहले दिन कथाचार्य प्रशांत प्रभु जी महाराज ने कहा कि यह कथा भगवान शिव की महिमा, स्वरूप और लीलाओं का अनूठा संगम है। शिव महापुराण की शुरुआत भगवान शिव को सृष्टि के मूल कारण और सर्वोच्च सत्ता के रूप में स्थापित करती है और यह भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का संदेश देती है। श्रीआदि गुरु वैदिक सेवा संस्थान की ओर से आयोजित शिव महापुराण के व्यख्यान में महाराज जी ने बताया कि ब्रह्मा, विष्णु और रुद्र - ये तीनों भी उसी परम शिव से उत्पन्न हुए हैं और सृष्टि की रचना, पालन और संहार के कार्य करते हैं। कथा में शिवलिंग की उत्पत्ति का भी अंश आता है, जो शिव के निराकार और अनंत स्वरूप का प्रतीक है। एक दिव्य प्रकाश स्तंभ के रूप में...