भक्तमाल कथा में संत ने बताया आत्मिक आनंद का महत्व
शामली, जून 11 -- शामली। शहर के श्री सत्यनारायण मंदिर में श्रीराम सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित भक्तमाल कृपा सत्संग एवं कथा के प्रथम दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा के दौरान संत आचार्य बाल योगी पचौरी महाराज ने भक्तों को आत्मिक आनंद और आध्यात्मिक जीवन का महत्व समझाया। वृंदावन धाम से पधारे आचार्य बाल योगी पचौरी महाराज ने व्यासपीठ से प्रवचन करते हुए कहा कि शास्त्रों में परमात्मा के तीन स्वरूप बताए गए हैं।सत, चित्त और आनंद। उन्होंने कहा कि सत् प्रकट रूप में विद्यमान है, जबकि चित्त और आनंद अप्रकट स्वरूप में रहते हैं। मनुष्य के भीतर आनंद का स्रोत मौजूद है, लेकिन अज्ञानवश वह इसे सांसारिक वस्तुओं में खोजने का प्रयास करता है। उन्होंने कहा कि भक्तमाल कथा मनुष्य को अपने भीतर छिपे आनंद को पहचानने और उसे प्रकट करने की शिक्षा देती है। संत ने ...
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