धनबाद, फरवरी 9 -- कतरास, प्रतिनिधि। भंडारीडीह स्थित दुखहरण बाबा मंदिर परिसर में श्री श्री विष्णु महायज्ञ के अवसर पर आयोजित भागवत कथा के दौरान तीसरे दिन रविवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। अयोध्या से पधारी कथा वाचिका सुश्री रूपा रामायणी ने अपने प्रवचन में कहा कि अहंकार मनुष्य के पतन का सबसे बड़ा कारण बनता है, जबकि क्रोध विवेक को नष्ट कर देता है। उन्होंने कहा कि भागवत कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह जीवन को सही दिशा देने वाला आध्यात्मिक मार्ग दर्शन है। युवाओं को अपनी संस्कृति से जुड़ना चाहिए और बच्चों को बचपन से ही सत्य, सेवा और नैतिक मूल्यों की शिक्षा दी जानी चाहिए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों व श्रद्धालुओं की सहभागिता रही। आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय समिति के सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही।

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