बागपत, मई 21 -- बड़ौत। चिलचिलाती धूप के कारण लोगों का बुराहाल है। सुबह 9 बजे से ही आग बरसनी शुरू हो जाती है। वहीं लोगों का मानना है कि बढ़ते शहरीकरण और घटती हरियाली से तापमान में हर साल बढ़ोतरी हो रही है। इसके भविष्य में परिणाम और ज्यादा गंभीर हो सकते हैं। लोगों का कहना है कि इस बार की गर्मी ग्लोबल वार्मिंग की वजह से अधिक भीषण होगी। इस बार तापमान 45 डिग्री तक पहुंच चुका है। लगातार घटते वनक्षेत्र, कम होते जा रहे जल संशाधन के कारण तापमान लगातार बढ़ रहा है। बुजुर्गों का तो यहां तक कहना है कि उन्होंने अपनी याद में इतनी गर्मी नहीं देखी। वहीं विशेषज्ञ इसे प्रकृति के साथ कि जा रही छेड़छाड़, पहाड़ों पर बढ़ती लोगों की भीड़ को मानते हैं। यह भी पढ़ें- अवैध खनन से छलनी किया जा रहा नदियों को सीना, आसमान से बरस रही आगवन विभाग के आंकड़े वन विभाग के आंकड़े के मुत...