गुमला, नवम्बर 6 -- गुमला प्रतिनिधि चाईबासा में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाने के मामले ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। इस घटना के बाद ब्लड रिप्लेसमेंट सिस्टम पर पूरी तरह रोक लगा दी है। अब किसी भी परिस्थिति में मरीज को खून के बदले खून देने की आवश्यकता नहीं होगी। रक्त की आपूर्ति केवल स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों और अधिकृत स्रोतों के माध्यम से की जाएगी। उधर जिले में 31 अक्टूबर की दोपहर से गुमला ब्लड बैंक को भी अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। पिछले पांच दिनों से यहां खून लेने और देने की प्रक्रिया पूरी तरह ठप है। इससे थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों,गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। गुमला ब्लड बैंक से हर महीने लगभग 700 से 800 यूनिट खून मरीजों को उपलब्ध कराया जाता था,जबकि रोज...